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INDIAN MYTHOLOGY Existence - Belief - Blessings

Mishika Singh Amreen Kaur

₹499

यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारतः। अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम् ।। भावार्थ : हे भारत, जब-जब धर्म ग्लानि यानी उसका लोप होता है और अधर्म में वृद्धि होती है, तब-तब मैं धर्म के अभ्युत्थान के लिए स्वयम् की रचना करता हूं अर्थात अवतार लेता हूं ।

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